Wednesday, 22 November 2017

कोलकाता : दो संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकी और उनका भारतीय साथी गिरफ्तार, ५० आधार कार्ड बरामद


दो संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकी और उनका भारतीय साथी (मध्य में) गिरफ्तार
कोलकाता : बांग्लादेश के एक प्रतिबंधित आतंकी संघटन  अंसार बांग्ला’ के दो संदिग्ध सदस्यों और उनके एक भारतीय साथी को मंगलवार को शहर पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने कोलकाता रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया । एसटीएफ के उपायुक्त मुरलीधर शर्मा ने बताया कि, बांग्लादेश के सिलहट के रहनेवाले शमशाद मियां उर्फ तनवीर सैफुल उर्फ तुषार विश्वास और खुलना के रहनेवाले रिजाउल इस्लाम उर्फ रियाज डेढ़ साल पहले भारत में घुस आये थे । शमशाद इंजीनियर है और उसके पास तुषार विश्वास नाम का पैन कार्ड मिला । उनके पास से पचास आधार कार्ड और हाथ से लिखी पर्चियां मिली हैं जिनमें शहर के धर्मातला और पार्क स्ट्रीट जैसे इलाकों के नाम हैं ।
एसटीएफ के उपायुक्त ने कहा कि, रासायनिक पदार्थों की कुछ जानीमानी दुकानों के विजिटिंग कार्ड भी जब्त किए गए । पुलिस को संदेह है कि, उन्होंने बम बनाने के लिए इन दुकानों से रासायनिक पदार्थ खरीदे । उन्होंने कहा कि, उनके भारतीय साथी की पहचान मनोतोष डे उर्फ मोना के रूप में की गयी है जो पश्चिम बंगाल के उत्तरी २४ परगना जिले के बसीरहाट का निवासी है । वह कथित शस्त्र विक्रेता है । शमशाद मियां और रिजाउल इस्लाम का हाथ बांग्लादेश में १७ ब्लॉगरों की हत्या में होने का संदेह है ।
यह घटना से कुछ सूत्र ध्यान में आते है . . .
१. आज बांग्लादेशी घुसपैठिए बडे आराम में भारत की सीमा में प्रवेश कर रहे है । एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेशी सीमा काफी लंबी है इसलिए हर जगह सैनिकों की गश्त संभव नही है । इसलिए घुसपैठियों को आराम से भारत में प्रवेश करना संभव होता है । सरकार ने इसकी आेर गंभीरता से ध्यान देकर यह घुसपैठ रोकने के लिए प्रयास करने चाहिए, नहीं तो यही बांग्लादेशी आगे जाकर भारत में आतंकी गतीविधीयों को अंजाम देने में कोर्इ कसर नहीं छोडेंगे ।
२. दुसरा मुद्दा ये है कि, केवल पैसों के लिए आतंकियों को आधारकार्ड, पॅन कार्ड जैसे महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ उपलब्ध कैसे होते है ? इसकी भी गंभीरता से जांच होनी आवश्यक है । अधिकतर घुसपैठियों के पास नकली दस्तावेज़ मिल चुके है । इन्हे यह दस्तावेज़ उपलब्ध करवा देनेवाले भ्रष्ट अधिकारी ही भारत की सुरक्षा में सेंध लगा रहे है । एेसे अधिकारीयों को खोजकर उन्हें बन्दी बनाकर उनपर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए । केन्द्र सरकार ने एेसा गुनाह करनेवालों को कठोर से कठोर दंड देना चाहिए, जिससे कोर्इ भी आगे भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न कर सकें ।

Wednesday, 1 November 2017

बांग्लादेशी आतंकी कनेक्शन मिलने के बाद देवबंद में लोगों के पासपोर्ट जांच रही पुलिस


उत्तर प्रदेश के देवबंद में पिछले दिनों आतंकी कनेक्शन के बाद सहारनपुर पुलिस अब सतर्क होकर कदम रख रही है। पुलिस ने अब देवबंद क्षेत्र के सभी लोगों के पासपोर्ट को फिर से चेक करवाने का निर्णय लिया है जिसके लिए एसएसपी ने LIU और स्थानीय पुलिस को आदेश जारी किया है।
स्थानीय एसएसपी का कहना है कि, हाल में देवबंद में बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संघठन के कई सक्रिय सदस्यों को देवबंद व उसके आस-पास से गिरफ्तार किया था। आतंकियों के पास से फर्जी पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज मिले थे जिसको देखते हुए आदेश दिए गए हैं ।
सहारनपुर पुलिस को ATS की इस कार्यवाही की भनक तक नहीं लगी थी। देवबंद में आतंकी का मिलना सहारनपुर पुलिस के ख़ुफ़िया विभाग की बड़ी निष्क्रियता थी, इस मामले में पुलिस की बड़ी फजीहत भी हुई थी।
यह घटना से कुछ सूत्र ध्यान में आते है…
१. केवल पैसों के लिए आतंकियों को फर्जी पासपोर्ट उपलब्ध करवा देनेवाले भ्रष्ट अधिकारी ही भारत की सुरक्षा में सेंध लगा रहे है । एेसे अधिकारीयों को खोजकर उन्हें बन्दी बनाकर उनपर देशद्रोह का मुकदमा चलाना चाहिए । केन्द्र सरकार ने एेसा गुनाह करनेवालों को कठोर से कठोर दंड देना चाहिए, जिससे कोर्इ भी आगे भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न कर सकें ।
२. दुसरा मुद्दा ये है कि, आज बांग्लादेशी घुसपैठिए बडे आराम में भारत की सीमा में प्रवेश कर रहे है । एक रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेशी सीमा काफी लंबी है इसलिए हर जगह सैनिकों की गश्त संभव नही है । इसलिए घुसपैठियों को आराम से भारत में प्रवेश करना संभव होता है । सरकार ने इसकी आेर गंभीरता से ध्यान देकर यह घुसपैठ रोकने के लिए प्रयास करने चाहिए, नहीं तो यही बांग्लादेशी आगे जाकर भारत में आतंकी गतीविधीयों को अंजाम देने में कोर्इ कसर नहीं छोडेंगे ।

आप क्या कर सकते है ?

१. फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करनेवाले एेसे भ्रष्ट अधिकारीयोंपर कठोर कारवार्इ करने की केन्द्र सरकार से मांग करें । इसके लिए ज्ञापन प्रस्तुती कर सकते है ।
२. यदि आप के क्षेत्र में इस प्रकार से कोर्इ अधिकारी फर्जी दस्तावेज बनाता ध्यान में आए, तो तुरंत उसकी सूचना पुलिस को दें । यदि फिर भी कुछ कारवार्इ नही होती, तो हमें contact@hindujagruti.org इस र्इमेल पतेपर भेजे ।
३. अाप के क्षेत्र में यदि कोर्इ व्यक्ती संदिग्ध तरीके रहता नजर आए तो उसकी सूचना पुलिस को दें।

Saturday, 14 October 2017

अवैध बांग्लादेशियों को यूपी से खदेडने की तैयारी में योगी सरकार !


म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या से निपटने के लिए सख्ती बरती जा रही है। इसका असर भारत पर भी पडा है। देश में रोहिंग्या मुसलमानों को शरण दी जाए या नहीं इस पर चर्चाएं तेज हैं !
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्षों पुरानी अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की समस्या को जड़ से निपटाने की तैयारी कर ली है। दरअसल उत्तर प्रदेश में लाखों अवैध बांग्लादेशियों के नाम बदलकर रहने की सूचना है। कय मामलों में कुछ बांग्लादेशी आतंकी गतिविधियों में भी लिप्त पाए गए हैं !
इसके बाद से उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों खासकर अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बडे अभियान की तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत हर शहर में सर्वे किया जाएगा, उसके बाद एक्शन ​होगा !
दरअसल बुधवार को प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की समस्या से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को हर जिले का सर्वे कराकर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को प्रदेश से बाहर खदेडने की बात कही !
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी विशेष निगरानी के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जाए !
दरअसल उत्तर प्रदेश एटीएस ने पिछले दिनों देवबंद व कई जगहों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनकी संलिप्तता बांग्लादेश के आतंकी संगटन से पता चली थी !
जानकारी के अनुसार सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही लाखों बांग्लादेशियों के अपनी पहचान बदलकर रहने की सूचना है। इनमें सिर्फ लखनऊ में ही करीब ९० हजार बांग्लादेशियों के अवैध रूप से रहने की सूचना है !
स्त्रोत : न्यूज 18

Thursday, 5 October 2017

रोहिंग्या मुस्लिमों को घुसपैठ कराने की फिराक में ३ देशद्रोही गिरफ्तार


प्रतिकात्मक चित्र
जागरण में अाए समाचार के अनुसार, रोहिंग्या मुस्लिमों को अवैध रूप से घुसपैठ कराने में मदद करने के आरोप में भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट एक गांव से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है । सिपाहीजाला जिले के पुलिस अधीक्षक सुदीप्त दास ने मंगलवार को बताया कि, असम, त्रिपुरा पुलिस के अधिकारियों व बीएसएफ जवानों ने सोमवार रात नबादविप चंद्र नगर गांव में छापा मारा और सुमन चौधरी (३५), फारुक चौधरी (३२) तथा शाहजहां चौधरी (३८) को गिरफ्तार किया ।
गत १९ अगस्त को ६ रोहिंग्या मुस्लिमों को असम के करीमगंज से गिरफ्तार किया गया था । पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि, वे म्यांमार के रखाइन प्रांत के रहनेवाले हैं और बांग्लादेश में शरणार्थी बनकर रह रहे थे । उन्होंने घुसपैठ करानेवाले एक गिरोह की मदद से संवेदनशील सीमांत इलाके नबादविप चंद्र नगर के रास्ते भारत में प्रवेश किया । इस गिरोह में गिरफ्तार किए उक्त तीनों शामिल थे ।
यह समाचार पढकर ध्यान में आता है कि . . . 
१. भले ही भारत सरकार ने, रोहिग्याआें का भारत में रहना सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया हो परंतु यहां के देशद्रोहियों की इसकी कोर्इ चिंता नही है । इसलिए वो देश की सुरक्षा को अनदेखा कर रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में घुसपैठ करने के लिए मदत कर रहे है ।
२. बता दे कि, इसके पहले भी देश में रोहिंग्याआें को शरण मिले इस हेतु कुछ राजनेता तथा कुछ मुस्लिम लोगो ने भी सरकार पर दबाव डालने का प्रयास किया है । उनके समर्थन में मोर्चे निकाले है । अवैध रुप से रहनेवाले रोहिंग्याआें के पास से नकली पासपोर्ट, आधार कार्ड, वोटरकार्ड बरामद होने के भी कर्इ घटना सामने आ चुकी है ।
३. म्यांमार आर्मी के एक रिपोर्ट अनुसार, सेना को रखाइन राज्य में तलाशी के दौरान एक सामूहिक कब्रगाह मिली थी । इसमें ४५ हिन्दुओं के कंकाल बरामद हुए थे । आर्मी ने आरोप किया है कि, इन हिन्दुओं की हत्या रोहिंग्या मिलिटेंट्स ने की है ।
४. हाल ही में भारत में अल-कायदा के लिए रोहिंग्याआें को भर्ती करने के आरोप में ब्रिटेन के रहने वाले रहमान को देहली पुलिस के स्पेशल सेल गिरफ्तार किया था ।
५. इससे हम अंदाजा लगा सकते है कि, देश मे रोहिंग्याआें का रहना कितना खतरनाक है । भारत सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों को देश से बाहर करने का जो निर्णय लिया है, वह सराहनीय ही है । परंतु इसी के साथ अब भारत सरकार ने ठोस कदम उठाकर रोहिंग्याआें को देश में घुसने के लिए मदत करनेवालों पर तथा उनका समर्थन करनेवालों पर कडी कारवार्इ करनी चाहिए ।

Friday, 22 September 2017

गाझियाबाद : वाेटर आइडी, अाधार कार्ड के साथ अवैध बांगलादेशी गिरफ्तार


गाझियाबाद : यहां अवैध तरीके से रहनेवाले बांग्लादेशी नागरिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है । पुलिस ने उसके विरोध में अपराध प्रविष्ट किया है।
पकडे गए बांग्लादेशी का नाम इस्लार्इल है आैर व यहां एक छोटे झोपडी में रहता था आैर छोटा-मोटा काम करके अपनी जिंदगी जी रहा है । पुलिस ने उसके पास से एक वोटर आइडी, आधार कार्ड एवं बैंक पासबूक जब्त किया है ।
बता दे कि, कल एेसी ही एक घटना सामने आर्इ थी जिसमे मोहम्मद इस्माइल उर्फ इशा नामके रोहिंग्या मुस्लिम नें आधार कार्ड बनवा लिया था आैर पासपोर्ट बनवाते समय उसे गिरफ्तार किया गया था।
यह घटना देखते हुए भारत के लिए इन घुसपैठीयों की समस्या कितनी गंभीर है यह बात ध्यान में आती है। एेसी घटनाआें के लिए भारत के ही भ्रष्ट अधिकारी तथा कुछ राष्ट्रविरोधी नागरिक उत्तरदायी है । इस कारण भारत में जिहादी लोगों को आसानी से आधार कार्ड, राशन कार्ड, पॅन कार्ड जैसे महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिल जाते है आैर यही जिहादी आगे चलकर भारत की सुरक्षा को खतरा बन जाते है तथा भारत में आतंकी गतिवीधीयों को अंजाम देते है।
केन्द्र सरकार ने एेसा गुनाह करनेवालों को कठोर से कठोर दंड देना चाहिए, जिससे कोर्इ भी आगे भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न कर सकें ।
भारत ने जिस तरह रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का निर्णय लिया है, उसी तरह अब इन अवैध बांग्लादेशी घुसपैठीयों को भी जल्द ही देश से बाहर करना चाहिए, नहीं कल यही घुसपैठिए भारत की सुरक्षा को सेंध लगाकर भारत की बर्बादी करेंगे ।
कल बाग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने म्यानमार सरकार से कहां था कि, रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस ले ! इससे सीख लेकर क्यों ना भारत भी शेख हसीना से मांग करे कि, आपके बाग्लादेशी नागरीक जो अवैध तरीके से यहां रह रहे है उन्हे वापस ले !

आप क्या कर सकते है ?

१. फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करनेवाले एेसे भ्रष्ट अधिकारीयोंपर कठोर कारवार्इ करने की केन्द्र सरकार से मांग करें । इसके लिए ज्ञापन प्रस्तुती कर सकते है ।
२. यदि आप के क्षेत्र में इस प्रकार से कोर्इ अधिकारी फर्जी दस्तावेज बनाता ध्यान में आए, तो तुरंत उसकी सूचना पुलिस को दें । यदि फिर भी कुछ कारवार्इ नही होती, तो हमें contact@hindujagruti.org इस र्इमेल पतेपर भेजे ।
३. अाप के क्षेत्र में यदि कोर्इ व्यक्ती संदिग्ध तरीके रहता नजर आए तो उसकी सूचना पुलिस को दें।

Thursday, 14 September 2017

‘वंदे मातरम’ को इन्कार करनेवाले अबु आझमी कहते है देश के सम्मान के लिए रोहिंग्याआें को शरण दे


पिछले कुछ दिनों से मुंबर्इ में समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र के विधायक अबू आजमी ‘देश बचाआे देश बनाआे’ आंदोलन चला रहा है, जिसमें वे ‘भारत सरकार रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण दे’ यह मांग कर रहे है । १३ सितंबर को रोहिंग्या सॉलिडरीटी मूव्हमेंट, मुंबर्इ की आेर से मुंबर्इ मराठी पत्रकार संघ के कार्यालय में पत्रकार परिषद का आयोजन किया गया था । उस समय ‘रोहिंग्या मुसलमानों के पुनर्वास के लिए भारत सरकार आगे आए’ यह मांग की गर्इ । इस समय कर्इ मुस्लिम संगठनों के कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी भी उपस्थित थे ।
इस समय अबू आजमी ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ‘भीखमंगी’ हो चुकी है । इसके पूर्व हमने बांग्लादेशी निर्वासितों को भारत में आश्रय दिया था । यदि सरकार को टैक्स चाहिए, तो हम उसे जमा कर सरकार को देने के लिए सिद्ध है । राेहिंग्याआें को शरण ना देने के कारण पूरे विश्व में भारत की बदनामी हो रही है । हम भी इसी देश का एक अंग है । देश के सम्मान के लिए रोहिंग्याआें को भारत में आश्रय देना चाहिए । जिस प्रकार तस्लिमा नसरीन जैसों को भारत में आश्रय दिया गया है, उसी प्रकार रोहिंग्याआें को भी आश्रय मिलना चाहिए । ’’
उपर अबू आजमी का एक विडिआे भी दिया है, जिसमें वे रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन करते हुए अपना मत प्रकट कर रहे है । यह सब बाते देखने तथा पढने पर कुछ सूत्र ध्यान में आए, जिनपर सभी हिन्दुआें ने तथा राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने गौर करना चाहिए :
१. ‘हमारी जान चली जाए, फिर भी हम वंदे मातरम नहीं कहेंगे’ एेसा कहकर देश का अपमान करनेवाले अबू आजमी ने देश के सम्मान की बात करना शर्मनाक है ।
२. अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पिछले राज्यकर्ताआें की निष्क्रियता तथा व्होटबैंक पाॅलिटिक्स के कारण आश्रय मिला है । इन्हें भी रोहिंग्या मुसलमानों के साथ साथ देश से बाहर कर देना चाहिए ।
३. कुछ दिन पूर्व अबू आजमी ने कहा था, ‘‘चाहे हमें देश से बाहर कर दिजिए. पर हम पर वंदे मातरम् कहने की सख्ती ना करे ।’’ तो किसी राष्ट्रप्रेमी नागरिक के मन में यह विचार आ सकता है की ’भारत सरकार रोहिंग्याआें के साथ साथ अबू आजमी जैसे लोगों को भी बाहर करना चाहिए ।´
४. पिछली २ दशकों से भी अधिक समय से कश्मीरी हिन्दू, जिहादी आतंकवाद के कारण अपने ही देश में निर्वासितों का जीवन जी रहे है । तब अबू आजमी का मानवतावाद तथा ’देश का सम्मान’ कहां गया था ?
५. म्यानमार में पिछले कुछ दिनों में रोहिंग्या आतंकवादियों ने सैकडो हिन्दुआें की हत्या की है एैसी वार्ताएं सामने आर्इ है । यदि एैसे आतंकवादियों को भारत में आश्रय मिलेगा, तो वे कितने हिन्दुआें की यहां हत्या करेंगे, एेसा प्रश्न भी मन में आता है ।
६. हाल ही में प्रकाशित हुए एक समाचार के अनुसार हैद्राबाद में एक रोहिंग्या मुस्लिम युवक को पासपोर्ट बनवाते समय पुलिस ने गिरफ्तार किया है । उसके पास से आधार कार्ड, पॅनकार्ड आदि प्राप्त किए गए । किसी ‘शरणार्थी’ को इस प्रकार के महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिल सकते है, यह देश के सुरक्षा के लिए बहुत गंभीर समस्या है । इसमें दोषी भ्रष्ट अधिकारियों पर तुरंत ही कारवार्इ होनी चाहिए । यह समाचार पढकर एेसा प्रश्न भी मन में आ सकता है की ‘क्या अबू आजमी जैसे राजकीय नेता प्रशासन पर इस प्रकार के दस्तावेज देने के लिए दबाव तो नहीं डाल रहे है ना ?’

आप क्या कर सकते है ?

१. भारत सरकार ने राेहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का जो निर्णय लिया है, उसके लिए अपना समर्थन भारत सरकार को इमेल तथा सोशल मिडीया के माध्यम से भेजे । किसी के भी दबाव में ना आते हुए अपने निर्णय पर कायम रहे ।
२. भारत सरकार से अनुरोध करे की रोहिंग्या मुसलमानों के साथ साथ सभी अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को भी भारत से बाहर भेजे ।
३. अबू आजमी के वक्तव्यों का सोशल मिडीया के माध्यम से संवैधानिक मार्ग में विरोध करे । इसलिए आप #ProtestAbuAzmi जैसे हैशटैग का भी उपयोग कर सकते है । इस विषयपर आप अपने मित्र, परिवार के सदस्य तथा अन्य राष्ट्रप्रेमी नागरिकों के साथ चर्चा कर उनमें इस विषयपर जागृति निर्माण कर सकते है ।

Thursday, 17 August 2017

उत्तर प्रदेश : ATS के छापे में संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार


आतंकी अब्दुल्ला
उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने रविवार शाम संदिग्ध बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है । पुलिस के अनुसार, अब्दुल्ला बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी समूह ‘अंसारुल्ला बांग्ला टीम’ से जुडा हुआ है ।
गिरफ्तार अब्दुल्ला ने पूछताछ में एटीएस को बताया कि, वह फैज़ान की मदद से नकली आईडी बनाता है । इस सूचना के बाद एटीएस टीम ने देवबंद में फैजान के किराए के कमरे पर दबिश दी गई, परंतु वह वहां नहीं मिला ।
कमरे में तलाशी ली गई गई तो वहां से बांग्ला भाषा में जिहादी साहित्य, बम बनाने की विधि का साहित्य, कलर प्रिंटर, कई नकली आईडी मिले हैं । यह स्पष्ट हुआ है की फैजान भी बांग्लादेशी संदिग्ध आतंकी है और अंसारुल्ला बांग्ला टीम से जुडा है ।
एटीएस के अनुसार, अब्दुल्लाह ने भारत में आधार कार्ड और पासपोर्ट भी बनवा रखा था । वहीं आतंकियों को शरण देने और उनका पहचान पत्र बनाने का काम कर रहा था ।
बता दें, कि, आतंकी अब्दुल्लाह पिछले एक महीने से मुजफ्फरनगर में रह रहा था । उसने फर्जी आईडी की मदद से अपना पासपोर्ट भी बनवा रखा था । इससे पहले वह सहारनपुर में रह रहा था और यही रहते हुए उसने पासपोर्ट बनवाया था ।
अन्सारुल्ला बांग्ला टीम कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन द्वारा गठित किए गए आतंकवादी संगठन ‘अलकायदा’ से प्रेरित तन्जीम बताई जाती है ।
संदर्भ : न्युज १८