Monday, 28 May 2018

महाराष्‍ट्र : आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने छापा मारकर ३६ बांग्‍लादेशी किए गिरफ्तार


महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने पुणे ग्रामीण के पिपंरी चिंचवड में छापा मार कर अवैध तरीके से रहे ३६ बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है ! अभी कई इलाकों में भी छापेमारी की जा रही है । पिपंरी चिंचवड़ में कल से छापेमारी चल रही है । एटीएस को इलाके में बांग्‍लादेशियों के होने की सूचना मिली थी !
बता दें कि इससे पहले मार्च में भी महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बगैर वैध दस्तावेजों के भारत में रहने के आरोप में आठ बांग्लादेशी नागरिकों को कांदिवली इलाके से गिरफ्तार किया था । पुलिस ने इस बात की जानकारी दी । अधिकारियों ने रविवार रात कांदिवली के लालजीपदा इलाके में एटीएस की चारकोप इकाई की छापेमारी के बाद इन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया ।
बताया गया कि उन्होंने कबूल किया था कि वे बांग्लादेश के नागरिक हैं ! दो लोगों ने तो पैन कार्ड और आधार कार्ड भी बनवा लिया था ! पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियमों, विदेशी अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया ।
स्त्रोत : न्यूज 18

Friday, 25 May 2018

दिसंबर तक पूरी तरह सील हो जाएगी भारत-बांग्लादेश सीमा : असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल


असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल
गुवाहाटी : भारत और बांग्लादेश की सीमा इस साल दिसंबर तक पूरी तरह से सील कर दी जाएगी। यह घोषणा असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को की।
मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हमने २०१६ में चुनाव के दौरान वादा किया था कि हम दो साल में भारत-बांग्लादेश सीमा सील कर देंगे। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस साल दिसंबर तक भारत-बांग्लादेश-आसाम सीमा पूरी तरह से सील कर दी जाएगी !
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक नदियों के किनारे स्थित सीमा की बात है तो उन्हें नॉन फिजिकल बैरियर्स से बंद किया जाएगा वहीं जमीन पर स्मार्ट फेंसिंग लगाई जाएगी। इससे घुसपैठ और सीमा पर अवैध गतिविधियों को रोक लगेगी। बता दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सोनोवाल तीन बार सीमा पर जा चुके हैं !
स्त्रोत : नई दुनिया

Tuesday, 1 May 2018

राजस्थान के अलवर माजरी गांव में बस रहे है बांग्लादेशी !


  • अलवर के बहरोड के माजरी गांव में अवैध बांग्लादेशियों ने किया कब्जा

  • बना रहे है फर्जी आधार कार्ड

राजस्थान :  बहरोड विधानसभा क्षेत्र के माजरी गांव में पुलिस चौकी के निकट ईंट-भट्टों पर काम करने वाले संदिग्ध बांग्लादेशियों का पूरा गांव बस गया और पुलिस-प्रशासन इससे बेखबर रहा ।
राजस्थान पत्रिका ने २१ अप्रेल के अंक में माजरी में रह रहे बांग्लादेशी, मतदाता बनने की तैयारी में शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया तो जिला मुख्यालय का प्रशासन जागा और तुरंत एक टीम बनाकर कार्रवाई को भेजा । रविवार को एक ही ईंट-भट्टे से ३४ संदिग्ध बांग्लादेशियों को पकडा है । जिनसे लगभग १६ आधार कार्ड भी जब्त किए गए हैं । ये ज्यादातर आधार कार्ड भी फर्जी हैं, जो उन्होंने उसी गांव में ५०० से १००० रुपए देकर बनवाए हैं । पूरी गहनता से यहां के सभी ३० से अधिक ईंट-भट्टों पर कार्रवाई की गई तो ३०० से अधिक संदिग्ध हो सकते हैं, तो छोटे गांव या ढाणी की जनसंख्या से कहीं अधिक है । यहां कार्रवाई में डीएसबी शाखा अलवर से बलदेव राज व नीमराणा थाना प्रभारी हितेश शर्मा, उप निरीक्षक ताराचंद व पुलिस टीम मौजूद थी ।
आश्चर्य की बात यह है कि, ईंट भट्टे वालों ने इनसे कोई जानकारी या दस्तावेज नहीं लिए । ठेकेदारों के सहयोग से फर्जी आधार कार्डतक बनवा लिए । अब भट्टों के मालिक, ठेकेदार व फर्जी आधार कार्ड बनवाने वालों पर भी गाज गिर सकती है । तभी आगे इस तरह के संदिग्ध लोगों को आने से रोका जा सकता है ।
गुप्तचर एजेंसी या पुलिस प्रशासन पहले सचेत होता तो इन मासूमों को नहीं भटकना पडता । जो यहां आकर पैदा हुए हैं । उनका कसूर तो नहीं है । शुरूआत में ही इनको यहां रहने से रोक दिया जाता या वापस बांग्लादेश भेज दिया जाता । अब पकडऩे के बाद भी यही कार्रवाई की जाएगी ।

रोहिंग्या के बाद सख्ती

देश में रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ के बाद से सभी गुप्तचर एजेंसियां सक्रिय है । जो बांग्लादेशियों पर भी बराबर नजर बनाए हुए हैं । इसके बावजूद भी देश में बांग्लादेशी मिल रहे है । बहुत जगहों पर गुपचुप कार्य कर रहे हैं । स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर आधार कार्ड बनवा लेते हैं । यह भी हो सकता है कि कुछ ने मतदाता सूचियों में नाम भी जुडवा लिए हों । यह सब जांच मेंं सामने आ सकेगा ।

बगल में चौकी, फिर भी बेखबर

जानकारी के अनुसार ये संदिग्ध बांग्लादेशी कई सालों से धीरे-धीरे आकर यहां बसे हैं । पैसे देकर आधार कार्ड बनवाते रहे । जबकि बगल में ही पुलिस चौकी है । इसके बावजूद उनको यह भनक तक नहीं लगी और बांग्लादेश से बॉर्डर पार कर संदिग्ध यहां आकर जमते गए । तभी तो इतनी संख्या में संदिग्ध बांग्लोदशी हैंं । जिसका अनुमान एक ईंट भट्टे पर मिले ३४ बांग्लादेशियों से लगा सकते हैं ।
स्त्रोत : पत्रिका

Tuesday, 24 April 2018

अलवर (राजस्थान) में २०० रुपये में बांग्‍लादेश‍ी बनें भारतीय, फर्जी आधार कार्ड बनवाकर रहने वाले ३३ बांग्‍लादेश‍ियों के आधार सीज



इतना बडा समाचार टीव्ही पर कब आता है आैर कब चला जाता है, पता ही नही चलता ! बांग्लादेशी देश मे कैसे घुसपैठ कर रहे है ? किसकी मदद से कर रहे है ? और क्यो कर रहे है ? इस पर कही भी कोई चर्चा या बहस नही होती, आखिर इस विषय पर इतनी नरमी क्यों ? केन्द्र सरकार को इस विषय में गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ! -vsk
अलवर – राजस्‍थान के अलवर में एक बार फ‍िर फर्जी आधार बनाकर बांग्‍लादेश‍ियों के रहने की बात सामने आई है। नवभारत टाइम्स के अनुसार, यहां अलवर ज‍िले में बांग्लादेशी नागरिकों ने अलवर के मांजरी में ई-म‍ित्र संचालकों से अवैध रूप से कार्ड बनवा ल‍िए। मामला सामने आते ही सभी के आधार सीज कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं पुल‍िस ने इन बांग्‍लादेश‍ियों को गिरफ्तार कर ल‍िया है।
अवैध आधार कार्ड बनाए जाने का मामला खुला तो ३३ बांग्‍लादेशी पुल‍िस के हत्‍थे चढ़ गए। अलवर पुल‍िस ने उनके पास से २० फर्जी आधार कार्ड बरामद किए। माजरीकलां स्थित ईंट भट्टो पर अवैध रूप से रह रहे और मजदूरी कर रहे ३३ बांग्लादेशियों को सीआईडी, आईबी और नीमराणा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग‍िरफ्तार कर ल‍िया है।

२०० रुपये में बांग्‍लादेश‍ियों को बनाया भारतीय

पुल‍िस के अनुसार, पकडे गए बांग्‍लादेश‍ियों में ११ मह‍िलाएं हैं और ११ बच्‍चे शाम‍िल हैं। दरअसल गिरफ्त में आए बांग्लादेशी विजय नूरे ने बताया कि उसने मांजरी कस्बे में ई-मित्र पर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवा लिया था। उसने खुलासा क‍िया क‍ि २०० रुपये में फर्जी दस्तवेजोंं के आधार पर पश्चिमी बंगाल के पते पर आधार कार्ड बनवाया गया और बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय बना दिया गया।
यह घटना देखते हुए भारत के लिए इन घुसपैठीयों की समस्या कितनी गंभीर है यह बात ध्यान में आती है। एेसी घटनाआें के लिए भारत के ही भ्रष्ट अधिकारी तथा कुछ राष्ट्रविरोधी नागरिक उत्तरदायी है । इस कारण भारत में जिहादी लोगों को आसानी से आधार कार्ड, राशन कार्ड, पॅन कार्ड जैसे महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिल जाते है आैर यही जिहादी आगे चलकर भारत की सुरक्षा को खतरा बन जाते है तथा भारत में आतंकी गतिवीधीयों को अंजाम देते है।
केन्द्र सरकार ने एेसा गुनाह करनेवालों को कठोर से कठोर दंड देना चाहिए, जिससे कोर्इ भी आगे भ्रष्टाचार करने की हिम्मत न कर सकें ।
भारत ने जिस तरह रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का निर्णय लिया है, उसी तरह अब इन अवैध बांग्लादेशी घुसपैठीयों को भी जल्द ही देश से बाहर करना चाहिए, नहीं कल यही घुसपैठिए भारत की सुरक्षा को सेंध लगाकर भारत की बर्बादी करेंगे ।
कल बाग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने म्यानमार सरकार से कहां था कि, रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस ले ! इससे सीख लेकर क्यों ना भारत भी शेख हसीना से मांग करे कि, आपके बाग्लादेशी नागरीक जो अवैध तरीके से यहां रह रहे है उन्हे वापस ले !

आप क्या कर सकते है ?

१. फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद करनेवाले एेसे भ्रष्ट अधिकारीयोंपर कठोर कारवार्इ करने की केन्द्र सरकार से मांग करें । इसके लिए ज्ञापन प्रस्तुती कर सकते है ।
२. यदि आप के क्षेत्र में इस प्रकार से कोर्इ अधिकारी फर्जी दस्तावेज बनाता ध्यान में आए, तो तुरंत उसकी सूचना पुलिस को दें । यदि फिर भी कुछ कारवार्इ नही होती, तो हमें contact@hindujagruti.org इस र्इमेल पतेपर भेजे ।
३. अाप के क्षेत्र में यदि कोर्इ व्यक्ती संदिग्ध तरीके रहता नजर आए तो उसकी सूचना पुलिस को दें।

Wednesday, 21 March 2018

बांग्लादेश के नागरिकों को भारतीय बनाकर भेजते थे विदेश


  • कोलकाता पुलिस ने एक रैकेट के नौ सदस्यों को किया गिरफ्तार
  • लालबाजार के एआरएस की टीम ने की थी छापेमारी
  • गिरफ्तार गिरोह में सात भारतीय व दो बांग्लादेशी व्यक्ति शामिल
  • बांग्लादेश से अवैध तरीके से सीमा पार करवाकर उनके भारतीय होने के बनाते थे कागजात
कोलकाता : बांग्लादेश से अवैध तरीके से सीमा पार करवाकर अवैध तरीके से भारतीय कागजात और पासपोर्ट बनाकर लोगों को नौकरी के लिए विभिन्न देशों में भेजनेवाले गिरोह के कुल नौ सदस्यों को लालबाजार के एंटी राउडी स्क्वाड (एआरएस) की टीम ने गिरफ्तार किया है ! गिरफ्तार आरोपियों में सात भारतीय व दो बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। पुलिस के हाथ लगे आरोपियों के नाम शेख जहांगीर उर्फ सजन प्रसाद, मोहम्मद नशीरुद्दीन उर्फ नसरू, शेख शफीक, वशीम अहमद, महिरुद्दीन मोल्लाह और शेख अजीज हैं।
जबकि गिरफ्तार बांग्लादेशियों में मानिक हुसैन व रंजन शेख हैं। इनके पास से भारी संख्या में फर्जी कागजात व नकली पासपोर्ट पुलिस के हाथ लगे हैं। कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि काफी दिनों से खबर मिल रही थी कि सीमा पर सक्रिय दलालों की मदद से अवैध तरीके से बांग्लादेश से भारतीय सीमा में लोगों को प्रवेश करवाकर कुछ लोग उनके लिए भारतीय कागजात बना रहे हैं।
इसके बाद उनके नाम पर पासपोर्ट बनवाकर भारतीय पासपोर्ट की मदद से इन नागरिकों को नौकरी के लिए विदेश भेजने की कोशिश की जा रही थी। इस जानकारी के बाद डलहौसी से इस गैंग के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे मामले में दो बांग्लादेशी समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्राथमिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि हाल के दिनों में बांग्लादेशी पासपोर्ट के जरिये विदेश में नौकरी पर जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण सीमा पार कर भारत में प्रवेश करवाकर भारतीय नागरिक होने के कागजात फर्जी तरीके से बनवाकर इन लोग‍ों को भारत से सेंजेन विजा की मदद से नौकरी के लिए युरोपियन देशों में भेजने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
स्त्रोत : प्रभात खबर

Wednesday, 28 February 2018

रोहिंग्या शरणार्थी कैंपों में एक साल में पैदा होंगे ६०,००० बच्चे, गंभीर खतरे का डर !

TUESDAY, FEBRUARY 27, 2018

रोहिंग्या शरणार्थी कैंपों में एक साल में पैदा होंगे ६०,००० बच्चे, गंभीर खतरे का डर !



 रोहिंग्या संकट . . . अब तक का सबसे बडा मानवीय संकट ! – विश्व स्वास्थ्य संघटन की दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल

नई देहली : अगले एक वर्ष में रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों में ६०,००० बच्चों के जन्म लेने का अनुमान है ! इन बच्चों के जन्म लेने के बाद संकट झेल रहे इस समुदाय की स्थिति और विकट हो सकती है !
विश्व स्वास्थ्य संघटन (WHO) की दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल ने छह महीने पहले शुरू हुए रोहिंग्या संकट को अब तक का सबसे बडा मानवीय संकट बताते हुए कहा कि आगामी मानसून सीजन में इन शरणार्थियों की दिक्कतें और बढनेवाली हैं ! अकेले बांग्लादेश में लगभग १० लाख रोहिंग्या शरणार्थी पनाह लिए हुए हैं, जो कुपोषण के साथ-साथ मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं जिनमें सर्वाधिक दयनीय स्थिति बच्चों की है !

संकट अब अपने चरम पर


डॉ. पूनम खेत्रपाल

डॉ. पूनम ने कहा, “२५ अगस्त, २०१७ से शुरू हुआ यह संकट अब अपने चरम पर पहुंच गया है । म्यांमार से बांग्लादेश बडी तादाद में पहुंचे रोहिंग्याओं की हालत रोंगटे खडे कर देनेवाली है ! बांग्लादेश के कॉक्स बाजार के शरणार्थी शिविरों में ६,८८,००० रोहिंग्या रह रहे हैं, जबकि इससे पहले यहां २,१२,५०० रोहिंग्या बांग्लादेश पहुंच चुके हैं । इस अल्पावधि में पलायन करनेवाली यह अब तक की सबसे बडी जनसंख्या है !”

सबसे बडा खतरा स्वास्थ्य को लेकर

शरणार्थी शिविरों में रोहिंग्या मुसलमानों की स्थिति और समस्याओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, “रोहिंग्या शरणार्थियों की सबसे बडी आबादी काटुपालोंग और बालुखली शिविरों में दयनीय हालत में रह रही है, परंतु सबसे बडा खतरा इनके स्वास्थ्य को लेकर है, इसलिए इनके स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने की जरूरत है । महिलाओं और कम उम्र की मांओं को प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की जरूरत है !”

बारिश का मौसम बनेगा बडा संकट

पूनम कहती हैं, “हालात इतने बदतर हैं कि ये पानी और स्वच्छता जैसी मूलभूत सेवाओं से वंचित हैं, परंतु हमें चिंता है मानसून सीजन को लेकर ! बारिश का मौसम इनके लिए बडा संकट बन सकता है । बारिश, तूफान, बाढ के खतरे से इन लोगों में हैजा, हेपेटाइटिस, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढेगा । वहीं, इन शरणार्थी शिविरों में अगले एक साल में ६०,००० बच्चों के पैदा होने का अनुमान है । समझ जाइए, स्थिति क्या होने जा रही है !”

जरूरी सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रयासरत

ऐसे में डब्ल्यूएचओ की रणनीति क्या है ? यह पूछने पर में डॉ. खेत्रपाल कहती हैं, “डब्ल्यूएचओ बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर कॉक्स बाजार में रोहिंग्या मुसलमानों की इस बडी आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रही हैं । डब्ल्यूएचओ चिकित्सा केंद्रों में दवाइयां, मेडिकल उपकरण जैसी सेवाएं मुहैया कराने में लगा है !”
डॉ. ने कहा, “यहां १०० से अधिक साझेदारों के साथ मिलकर हेल्थ पोस्ट, अस्पताल, चिकित्सा केंद्रों और मोबाइल क्लीनिकों तक पहुंच बनाई जा रही है । शरणार्थियों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है । ये समुदाय ट्रॉमा, दिल संबंधी बीमारियों, मधुमेह और कई तरह की बीमारियों की चपेट में है !”

टीकाकरण कार्यक्रम शुरू

डब्ल्यूएचओ ने कई तरह के टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनके बारे में डॉ. खेत्रपाल कहती हैं, “हमने हैजे को लेकर अक्टूबर और नवंबर २०१७ में दो चरणों में व्यापक अभियान शुरू किया, जिसके तहत हैजा की ९००,००० खुराकें पिलाई गईं । इसके साथ ही सितंबर और नवंबर में खसरे और रूबेला टीकाकरण का अभियान शुरू हुआ, जिसमें १५ साल तक की उम्र के ३,३५,००० बच्चों का टीकाकरण किया गया । इसके साथ ही पोलियो और न्यूमोनियो के टीके लगाए गए । डिप्थीरिया के भी दो टीकाकरण अभियान शुरू किए गए । पहले दौर के तहत लगभग ५००,००० बच्चों का टीकाकरण हुआ । दूसरे चरण के तहत लगभग ३,९८,००० बच्चों का टीकाकरण किया गया । मार्च में डिप्थीरिया के टीकाकरण का तीसरा दौर शुरू करने की योजना है !”

बच्चों की मानसिक स्थिति चिंताजनक

डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक कहती हैं, “इन शरणार्थी बच्चों की मानसिक स्थिति चिंताजनक है । इस संकट का इन पर बुरा असर पडा है । हम स्वास्थ्य मंत्रालय और आपदा प्रबंधन मंत्रालय के साथ मिलकर रोहिंग्या शिविरों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहे हैं । प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्वास्थ्य योजनाओं का खाका तैयार हो रहा है । दूषित पानी की जांच के लिए लैब की स्थापना की गई है । ट्यूबवेल एवं घरेलू कंटेनरों में जल की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है । डब्ल्यूएचओ ने किसी भी तरह की बीमारी का पता लगाने के लिए अर्ली वार्निग एंड रिस्पांस प्रणाली स्थापित की है !”
डॉ. पूनम खेत्रपाल ने कहा, “हम काम कर रहे हैं, परंतु बेहतर होगा कि शरणार्थियों के भविष्य पर गंभीरता से फैसला लिया जाए !”
स्त्रोत : ईनाडू इंडिया

Friday, 23 February 2018

‘पूर्वोत्तर में चीन की मदद से पाकिस्तान करा रहा है बांग्लादेशी मुस्लिमों की घुसपैठ !’

FRIDAY, FEBRUARY 23, 2018

‘पूर्वोत्तर में चीन की मदद से पाकिस्तान करा रहा है बांग्लादेशी मुस्लिमों की घुसपैठ !’


नई देहली : सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार (२१ फरवरी) को कहा कि पूर्वोत्तर को अशांत रखने के लक्ष्य के साथ पाकिस्तान द्वारा चीन के सहयोग से चलायी जा रहे परोक्ष युद्ध के तहत वहां ‘योजनाबद्ध’ तरीके से बांग्लादेश से लोगों को भेजा रहा है । असम के कई जिलों में मुस्लिम जनसंख्या में वृद्धि की खबरों का हवाला देते हुए सेना प्रमुख ने बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ की भी चर्चा की और कहा कि राज्य में उसका उभार १९८० के दशक से भाजपा के विकास से अधिक तेज रहा ।

यह भी पढें : असम में बांग्लादेशी ‘घुसपैठ’ – एक भीषण वास्तव !

जनरल रावत ने पूर्वोत्तर में बांग्लादेशों के प्रवासन का उल्लेख करते हुए कहा, ‘हमारे पश्चिमी पडोसी के चलते योजनाबद्ध तरीके से प्रवासन चल रहा है । वे हमेशा प्रयास और यह सुनिश्चित करेंगे कि परोक्ष युद्ध के जरिए इस क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया जाए ।’ वह पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमाओं को सुरक्षित बनाने के विषय पर एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे ।
उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि हमारा पश्चिमी पडोसी इस क्षेत्र को समस्याग्रस्त बनाए रखने के लिए हमारे उत्तरी पडोसी (चीन) की मदद से बहुत अच्छी तरह परोक्ष युद्ध खेलता है । हमें कुछ और प्रवासन नजर आयेंगे । हल समस्या की पहचान और समग्र दृष्टि से उसपर गौर करने में निहित है ।’ असम में अवैध बांग्लादेशियों से प्रवासन एक बडा मुद्दा है और राज्य सरकार राज्य में अवैध ढ़ंग से रह रहे लोगों का पता लगाने के लिए अब राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर ला रही है ।
स्त्रोत : झी न्युज